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Saturday, May 14, 2016

एक के साथ जुडने पर एक की ताकत...

          एक समय एक महात्मा अपने शिष्यों के साथ विहार करते हुए किसी गांव में रात्रि-विश्राम हेतु रुके । इसके पूर्व की उनका काफिला वहाँ से आगे बढता उन्होंने देखा कि गांव के लोगों में एक दूसरे को नुकसान पहुँचाकर, आपस में झगडे करवाकर आनंद लेने और अपना मंतव्य साधने की प्रवृति बहुतायद से थी । किंतु फिर भी महात्मा तो महात्मा - बहते पानी सी प्रवृति के साथ अपने काफिले सहित रात्रि-विश्राम से दूसरे दिन की उर्जा संरक्षण के समयानुसार जितने भी आवश्यक समय वे वहाँ रुके लोग उन्हें देखने, सुनने व उनकी सेवा-सुश्रुषा के निमित्त उनके नजदीक तो आये । उन सभी लोगों को महात्मा ने वहाँ से विहार करते हुए आशीर्वाद दिया - बने रहो, आनंद करो ।

          फिर आगे की रात्रि में दूसरे किसी गांव में स्थिति इससे बिल्कुल उलट देखने को मिली- वहाँ साधुओं ने देखा कि वहाँ के निवासियों में त्याग, सेवा भावना और परमार्थ जैसे गुणों से ओत-प्रोत लोगों की संख्या बहुतायद में थी । वहाँ से विहार करते वक्त महात्मा ने उन्हें सामूहिक रुप से आशीर्वाद दिया कि उजड जाओ ! बिखर जाओ !

          उनके कुछ शिष्यों को उनका दोनों ही विपरीत गांवों के लोगों को दिये जाने वाले आशीर्वाद का कारण जब समझ में नहीं आया तो आगे चलते हुए एकांत में उन शिष्य साधुओं ने महात्मा से पूछा । गुरुदेव जिस गांव में दुष्ट प्रवृति के लोगों की भरमार थी, जहाँ आपस में एक-दूसरे को नुकसान पहुँचाकर अपना स्वार्थ साधने व आनंद लेने वाले व्यक्तियों के हुजूम के हुजूम निवास करते थे वहाँ तो आपने आशीर्वाद दिया कि - बने रहो आनंद करो, और जिस गांव में त्यागी, सेवाभावी व स्वयं भूखे रहकर भी मेहमानों को भूखे न जाने देने जैसी भावना वाले लोग मौजूद थे वहाँ आप आशीर्वाद दे आये कि उजड जाओ, बिखर जाओ । ऐसा क्यों गुरुदेव ?

          महात्मा ने तब उन्हें उसका कारण समझाते हुए बताया कि जहाँ दुष्टता बहुतायद में भरी हो वे लोग यदि वहीं रहेंगे तो उनकी दुष्टता का दायरा भी सीमित क्षेत्र में ही सिमटकर रह जावेगा और समाज के बहुसंख्यक लोग उनकी दुष्टता के कपटजाल से बचे रह सकेंगे । इसके विपरीत जब त्यागी, सेवाभावी और परमार्थ में सुख ढूंढने वाले लोग यदि यहाँ से उजड और बिखर जावेंगे तो वे जहाँ-जहाँ भी जावेंगे अपने इन गुणों के कारण न सिर्फ बहुसंख्यक लोगों के लिये मददगार साबित होंगे बल्कि इनकी सोहबत में आने वाले भी इन्हीं गुणों को अपनाते हुए सम्पूर्ण मानव-जाति के उच्चस्तरीय विकास में सहायक बनते चले जाएँगे ।

          बात तो छोटी सी ही है - निःसंदेह पहले सभी की कहीं न कहीं देखी-सुनी हुई भी रही हो किंतु है तो अपने अंदर गूढ अर्थों को छिपाये रखने वाली । इसीलिये हम देखते हैं कि वैवाहिक आयोजनों में दुष्ट प्रवृत्ति के पति अथवा पत्नी का संबध अपने से विपरीत स्वभाव वाले सीधे-साधे व्यक्ति के साथ हो जाता है तो अधिकांशतः आगे के जीवन में उस सीधे-साधे व्यक्ति की जिंदगी नर्क बन जाती है जबकि यही मिलाप पति-पत्नी के रुप में एक समान दुष्ट प्रवृत्ति के स्त्री-पुरुषों में हो जाता है तो आगे चलकर उनके परिवार में दुष्टों व अपराधियों की फौज जमा हो जाती है और जहाँ पति-पत्नी एक समान त्यागी व सेवाभावी प्रवृत्ति के मिल जाते हैं तो...

          राम - कृष्ण, गौतम जैसे अनेकानेक वे सभी देवी-देवता जिनका उदय माता के गर्भ से हुआ और जिन्हें आज तक अलग-अलग समुदायों में हजारों लाखों लोगों के द्वारा भगवान के रुप में पूजा जाता रहा है ऐसी दिव्य संतानें समाज के सामने बारम्बार आई और आती रही हैं । निःसंदेह आज हम कालखंड की भाषा में कलियुग में जी रहे हैं और परमार्थ से परिपूर्ण त्यागी वृत्ति के लोग आज उंगलियों पर गिने जाने जैसे रह गये हैं, किंतु फिर भी हैं तो । वर्तमान समय में भी यदि ऐसे किसी दम्पत्ति अथवा उनकी संतानों के बारे में उदाहरण सहित बात करने की आवश्यकता हम देखें तो जैन समाज में सर्वोपरी आचार्य मुनि श्री विद्यासागरजी का नाम निःसंकोच लिया जा सकता है जिनके गुणों का विस्तार एक लम्बे - चौडे  साधु - संघ के रुप में देखे जाने के साथ ही न सिर्फ उनके चारों - पांचों भाई  भी उनके निर्देशन में मुनि - जीवन गुजार रहे हैं,  बल्कि उनके जन्मदाता माता-पिता भी उन्हीं के निर्देशन में इसी मुनि जीवन की निर्वाहना करते चल रहे हैं ।

           बात चाहे नेकी की हो या बदी की । हम बात कर रहे हैं एक के साथ एक के जुडाव की ताकत की । फिर यही ताकत जब नेटवर्क मार्केटिंग जैसे किसी क्षेत्र में एकत्रित हो जावे तो-

          एक कहावत प्रायः हमने सुनी है कि अकेला चना भाड नहीं फोड सकता जो निश्चय ही सत्य है किंतु जब इस एक से प्रेरणा पाते हुए इसके साथ सिर्फ एक की ताकत और जुड जाती है तो जो चमत्कार हो सकता है उसे हम यूं समझें कि 1 व्यक्ति एक माह में भी सिर्फ 1 और व्यक्ति को यदि जोड सकता है तो एक वर्ष में यह विस्तार आप स्वयं सोचिये कि कैसे आकार ले पाता है...

पहले माह       1 और 1 = 2.
दूसरे माह       2 और 2 = 4
तीसरे माह      4 और 4 = 8
चौथे माह       8 और 8 = 16
 पांचवें माह       16 और 16 = 32
    छठे माह       32 और 32 =  64
     सातवें माह       64 और 64 = 128 
      आठवें माह     128 और 128 = 256 
          नौवें माह       256 और 256 = 512 
            दसवें माह     512 और 512 = 1024 
                     ग्यारहवें माह     1024 और 1024 = 2048        और 
           बारहवें माह     2048 और 2048 = 4096.

           अर्थात् यदि हम इस नेटवर्क मार्केटिंग में अपने प्रयास को महिने भर में सिर्फ एक व्यक्ति को अपने साथ और एक ही व्यक्ति को अपने साथियों के साथ जोडते चलने के अनुपात से भी अपनी प्लानिंग के रुप में चलावें और उसमें भी यह मान लें कि आधे लोग इतना भी नहीं चल पाएंगे तब भी वर्ष भर में हमारा विस्तार 2000 साथियों तक तो पहुँच ही सकता है और इसमें भी कुशल नेतृत्व क्षमता वाले हमारेे साथ सिर्फ 1-11/2 % लोग अर्थात् सिर्फ 20-30 लोग भी ऐसे जुड जावें जिनमें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँच सकने की काबिलियत यदि हो तो प्रथम पुरुष के रुप में हमारा स्थान क्या हो सकता है यह आज सोच सकने वाले दायरे में आने वाला गणित हो ही नहीं सकता । 

 इस विस्तार को समझने के लिये यह छोटा सा 
वीडिओ क्लिपिंग भी अवश्य देखें -

 

Join : Network Marketing 
Sushil Bakliwal
Mobile No. +91 91799 10646.

नेटवर्क मार्केटिंग - तथ्यात्मक रिपोर्ट...

          एक ओर जहाँ कुछ लोग 5 साल मैं अपना दिमाग ना चलाकर भी करोडपती बन जाते हैं,  वहीं कुछ समझदार लोग निरन्तर अपना दिमाग चलाकर पूरी जिंदगी एक सामान्य सी नौकरी में बिता देने के बाद भी अपनी समझदारी नहीं छोडते ।  इसलिये आपसे निवेदन है कि अपनी समझदारी को एक ओर रखकर जरा Govt. की और World के बडे बडे BUSINESS MANS की बातों को सुनें कि वो क्या कह रहे है NETWORK MARKETING  के संदर्भ में-
 
 DR A.P.J.ABDUL KALAM -
          NETWORK MARKETING is the Fast Growing BUSINESS of 21st Century  whitch must be joined by Every Young Man And Women Globally. Otherwise you can Never get the Best of your Youth Age.

RAM VILAS PASWAN -
       NETWORK MARKETING is the future BUSINESS in India. This is the 21st Century BUSINESS and this Business will Give the Revenue of 9000 Crore to Indian Govt Till 2025.

FICCI & KPMG -
          The NETWORK MARKETING industry in India Estimated to be INR Billion (2012-13), and forms only around 0.4% of total Retail sales. This industry Has the Potential to Reach size of INR 645 Billion by 2025.

BILL GATES ( MICROSOFT CEO)-
          If I Would Be a chance to Start All over again. I would choose NETWORK MARKETING .

DONALD TRUMP-
          NETWORK MARKETING has proven itself to be a viable. There have been some Remarkable Examples of SUCCESS .

LES BROWN-
          NETWORK MARKETING has Produced More Millionaires than any other Industry In the HISTORY OF WORLD.

BILL CLINTON (AMERICAN PRESIDENT)-
          You Strengthen our Country and Our Economy not just by striving for your own SUCCESS but by Offering the Opportunity (NETWORK MARKETING ) to Others .

ROBERT KIYOSAKI-
          NETWORK MARKETING Gives people the Opportunity with very Low Risk and very Low Finantional Commitment to Build their Own Income Generating ASSET and Acquire GREAT WEALTH.

          बडे बडे बिजनेसमैन और Govt. के इतने बडे स्टेटमेंट देने के बाद भी कुछ पुरातनपंथी सोच वाले हद से ज्यादा समझदार और ज्ञानी लोग NETWORK MARKETING को चेन सिस्टम,  मेम्बर बनाने वाला काम,  और कोई स्कीम समझ लेते है ।  उनसे यही प्रार्थना है कि पुरातनपंथी सोच को बदलकर 21st Century में आएँ,  वरना वही हाल होगा जो HMT Watch  और NOKIA Mobile का हुआ । Nokia ने ANDROID Technology को Accept नहीं किया और मार्केट से खत्म हो गया, और  फिर जब तक सोचा तब तक बहुत देर हो चुकी थी ।

          दोस्तो NETWORKING  दुबई,  अमेरिका, चीन,  मलेशिया, आस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया, थाईलैंड, सिंगापुर, वियतनाम और पूरी दुनिया में कई जगह इसकी DEGREE पिछले 40-50 सालों से पढाई जा रही है, हमारे भारत के  SOUTH INDIA
कर्नाटक में पिछले 4 साल से NETWORK MARKETING की DIGREE कराई  जा रही है,  पिछले एक साल से हमारी दिल्ली मे DELHI UNIVERSITY मे BUSINESS MBA मे  NETWORK MARKETING  का पूरा  SEMESTER आ  गया है ।

          जबकि अभी भी कुछ नादान, नासमझ और इन सबसे अनजान लोग जो खुद को बहुत ज्यादा समझदार समझते हैं, जबकि ये सिर्फ ऐसे लोगों का वहम मात्र ही है, वे लोग इस बिजनेस को Chain System, Member,  Scheme  और बेकार का काम, बेवकूफ बनाने वाला काम व  ऐसा ही कुछ समझते हैं,  कारण सिर्फ एक ही है कि वे लोग अभी तक
अपनी पुरातनपंथी सोच में ही जी रहे है । उनकी आँखें तब खुलेंगी जब उनके खुद के बच्चे 2018 के बाद Collage से NETWORKING की Digree लेकर निकलेंगे ।  जैसे-
          B. NET - BACHLOR OF NETWORKING
          M. NET- MASTER OF NETWORKING
          MBA. NET- MBA IN NETWORKING

          हमारा भारत अमेरिका से 50 साल पीछे है, अमेरिका मे 40% से 50% लोग NETWORK MARKETING बिजनेस में है  और हमारे भारत मे सिर्फ 0.4%  लोग ही इस बिजनेस मे हैं, कारण सिर्फ एक ही है । पुरातनपंथी सोच,  जो वक्त के साथ खुद मे बदलाव करना नही जानते, और ना बदलाव करना चाहते हैं । वास्तव में लोगों को इस बदलाव को समझकर व Open Minded होकर Free of Cost NETWORKING सीखना और अपनी जिंदगी में उम्मीद से भी कहीं ज्यादा पैसा कमाना है या कमाना चाहते है तो उनके साथ हाथों से हाथ और कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने के लिये बहुत से लोग खडे  है ।  बस निर्णय आपको ये करना है कि आपको  कितना
पैसा चाहिये और क्यों चाहिये ?  बाकि सब टीम वर्क पर छोड दें ।
          वस्तुतः  नेटवर्क मार्केटिंग सबका साथ - सबका विकास वाला एक साफ-सुथरा क्षेत्र है । बदलते वक्त के साथ जो खुद को बदल लेता है,  सफलता भी उसके ही कदमों में  होती  है ।

          Change your Thoughts because "Thoughts are the cause & Condition is the Effect".